परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
हम भी परिंदों की तरह उसकी एक झलक के भिखारी बन गए,
वही बिछड़ के कह रहा है तुम तो खुश हो ना…!
अब कोई मिले या ना मिले… फर्क ही नहीं पड़ता।
करनी नही आती तुम्हे मोहब्बत फिर भी करते हो,
आपकी एक छोटी-सी प्रतिक्रिया हमारे लिए बड़ी Sad Shayari in Hindi प्रेरणा है।
नसीब में ही खुशियां ना लिखी हो तो क्या करू…!
मैं उसे हर गलत चीज से दूर रखना चाहता था,
जख्म का निशा नही है और दर्द का इलाज नहीं…!
हँसना–हँसाना तो बस मेरा एक पुराना हुनर है।
अकेला रह जाना ही अपनी किस्मत मान लिया।
हम भी चकनाचूर हो गए… दिल संभालना मुश्किल हो गया है।
सच कहूँ तो अब अकेले रहने में ही सुकून है,
हमे पता है की तुम कहीं और के मुसाफिर हो,